लालच का परिणाम : दो भाइयों की कहानी

क बार किसी गांव में राम और श्याम नाम के दो भाई रहते थे. राम तीरंदाजी कला में निपुण था जबकि श्याम तलवारबाजी में अत्यधिक गुणवान था.

एक बार उनके किसी पास के गांव में खूंखार शेर घुस आया था. उस गांव के राजा ने यह शर्त रखी कि जो शेर को मार गिराएगा. मैं उसे अपने राज़ का आधा राजपाट सोंप दूंगा. जब यह खबर राम और श्याम को पता चली तब दोनों ने ही शेर को मारने का निश्चय किया.

दोनों शेर के शिकार के लिए घर से निकल पड़े. शेर को ढूंढते-ढूंढते दोनों भाइयों को श्याम हो गई. दोनों पूरी तरह से थक चुके थे. दोनों पीपल के पेड़ के नीचे आराम करने के लिए बैठ गए तभी अचानक शेर के दहाड़ने की आवाज आई. उन्होंने आवाज का पीछा किया तो जाना की शेर राजा के गांव की तरफ ही जा रहा था. रात को अंधेरा काफी हो गया था.

अब शेर दोनों भाइयों के सामने ही था. तभी राम ने श्याम को कहा कि तुम उस तरफ से वार करो और मैं इस तरफ से धनुष बाण छोडूंगा. राम की योजना को लेकर श्याम के मन में लालच आ गया. श्याम ने सोचा कि शेर के मरते ही मैं राम को मार दूंगा. उसे मालूम था कि शेर को राम ही मार सकता है. श्याम ने शेर के मरते ही राम को मारने का निश्चय कर लिया तभी राम ने अपना धनुष बाण निकाला और शेर पर निशाना लगा कर छोड़ दिया. जिससे शेर घायल होकर बेहोश हो गया.

उसी समय श्याम ने राम पर पीछे से वार किया जिससे राम भी बेहोश हो गया, लेकिन श्याम को लगा कि राम मर चुका है.

वह शेर की लाश को लेकर राजा के सम्मुख पेश हो गया. राजा को लगा कि श्याम ने शेर को मार दिया है तभी राजा ने अपनी प्रजा को बुलाया और अपने राज्य का आधा राजपाट श्याम को देना चाहा तभी शेर फिर से होश में आ गया और वह श्याम पर झपटा.

किसी तरह से श्याम शेर के वार से बच गया राम को जब होश आया तो वह श्याम का पीछा करते हुए वहां पहुंच गया. राम ने देखा कि शेर अभी भी जिंदा है तब राम ने अपना धनुष बाण निकाला और शेर पर निशाना साध कर छोड़ दिया जिससे शेर मारा गया.

उसी समय राजा ने राम को आधा राजपाट सोंप दिया. श्याम ने जब अपने भाई को जिंदा देखा तो उसे बड़ा आश्चर्य हुआ तभी उसे अपनी गलती का एहसास होता है और वह राम के चरणों में गिरकर क्षमा मांगता है. राम श्याम को गले लगाता है और श्याम को माफ कर देता है.

शिक्षा-
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अक्सर खून के रिश्ते ही महत्वपूर्ण होते हैं.
हमें कभी भी किसी भी लालच में आकर ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे हमें बाद में पछताना पड़े क्योंकि लालच का परिणाम हमेशा बुरा होता है.

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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