राजा भोज और कीड़ा

क राजा ने अपनी लड़की की शादी के लिए स्वयंवर रचाया. राजा ने उस स्वयंवर में सभी राज्यों के राजाओं को आमंत्रित किया गया. तब उस स्वयंवर में राजा भोज भी सम्मिलित होने जा रहे थे.

चलते-चलते राजा भोज को प्यास लगी. रास्ते में राजा ने एक कुआँ देखा जहां से लोग पानी ले जा रहे थे. राजा उस कुऐं के पास गया पानी निकाला और पीने लगा. पानी पीने के बाद राजा की निगाहें जमींन पर पड़ी तो देखा कि एक कीडे़ (बड़ी चीटीं) का बिल था जिसमें पानी जा रहा था. तो राजा ने उस बिल में पानी जाने से रोक दिया. उस बिल में से कीड़ा बाहर निकल आया और राजा को धन्यवाद करने लगा और राजा को कहने लगा कि ये लो मेरी मुंछ का बाल, कभी जरूरत पड़े तो मुझे याद करना.

राजा ने उस कीड़े को कहा- तुम इतने छोटे हो भला तुम मेरे क्या काम आ सकते हो. मुझे तुम्हारी जरूरत कैसे पड़ सकती हैं. राजा होने के कारण राजा ने कीडे़ की मुंछ का बाल एक डिब्बी में रख लिया. और राजा वंहा से चल पड़ा.

चलते-2 राजा ने सफर तय कर लिया और स्वयंवर में पहुँच गया.

उधर राजा की बेटी ने एक शर्त रखी- सात प्रकार के अनाज मंगवाये गये और उनका मिश्रण किया गया. फिर सभा में सभी राजाओं से कहा गया कि जो इस सात प्रकार के अनाज के मिश्रण को कल सुबह तक अलग-अलग भागों में पुरा तौल कर निकाल देगा मैं उसी राजा से शादी कंरूगी. यह सुनकर सभी राजाऔं ने सोचा ऐसा करने में तो बहुत समय लग जाएगा और अनाज के एक-एक दाने को कौन अलग कर सकता है. यह सोचकर सभी राजा स्वयंवर से उठकर चले गये. लेकिन राजा भोज वंहा से नहीं गए. राजा भोज ने राजा की बेटी से कहा- इस अनाज को अलग-अलग करने के लिये एक रात का समय दीजिये.

फिर राजा को कीड़े की बात याद आई राजा ने अपने पास रखी हुई डिब्बी निकाली जिसके अन्दर उस कीडे़ की मुंछ का बाल रखा हुआ था. राजा ने बाल निकाला और उस कीडे़ को याद किया. कुछ समय बाद कीडा़ राजा के पास आ गया. और राजा ने उस कीडे़ को सारी बात बताई राजा की बात सुनकर कीड़े ने राजा को कहा- आप निश्चिंत होकर सो जाइए कल आपको सारा अनाज अलग-2 मिलेगा. फिर कीड़े ने अपनी सारे कीड़ो की सैना को बुलाया और कहा कि इस अनाज को बिना खाये अलग करना है और तोल में बराबर होने चाहिए. कीडे़ की सारी सैना काम पर लग गई . सुबह होते ही सात तरह का अनाज अलग-2 भागों में कर दिया.

यह देखकर राजा भोज खुश हुआ और कीडे़ से कहा- मुझे माफ करना मित्र तुम छोटे होकर भी मेरे इतने बडे़ काम आये. और राजा की बेटी की शादी राजा भोज से हो गई.

निष्कर्ष:- किसी को छोटा समझकर ठुकराना नहीं चाहिए वह किसी समय हमारे काम आ सकता है.

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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