बड़ा व्यापारी : स्वार्थ का परिणाम : हिंदी कहानी

किशोरीलाल नाम का बड़ा व्यापारी था. बड़ा था पर था स्वार्थी. समाज और देश से उसका कोई मतलब नहीं था. उसे बस अपने व्यापर में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा चाहिए था इसीलिए वो माल में मिलावट करता और बहुत ही हल्के स्तर का सामान बेचता. माल नकली होने के बावजूद भी वह अधिक से अधिक प्रचार करता और बड़े-बड़े लोगो को कार्यकर्मो पर बुलाता और जाँच करने आये हुए अधिकारीयों को भी घुस देता. अधिकारी भी घुस खाकर उसे अच्छी क्वालिटी का प्रमाण-पत्र दे देते थे. तो इस प्रकार किशोरीलाल का नकली माल का कारखाना अच्छा चल रहा था.

कुछ वर्ष बाद किशोरीलाल के घर एक पुत्र ने जन्म लिया. किशोरीलाल की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. उसने अपने पुत्र होने की ख़ुशी पर भव्य आयोजन किया और बड़े-बड़े नमी लोगो को बुलाया. वो खुश था पर उसकी ख़ुशी ज्यादा दिनों की नहीं थी. कुछ ही दिनों में किशोरीलाल की पत्नी को बड़े जोर का ज्वर हो गया और माँ का दूध पिने की वजह से पुत्र को भी ज्वर ने जकड लिया. किशोरीलाल ने बड़े नामी वेध को बुलाया. वेध ने कहा कि आप चिंता न करें. यह रोग जल्दी ठीक हो जायेगा. मैं आपके पुत्र और पत्नी को बिलकुल ठीक कर दूंगा.

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वेध ने अपना बढ़िया से बढ़िया इलाज किया. उसने अचूक औषधि बनाई और माँ-पुत्र को दी. औषधि का कोई असर नहीं हुआ और माँ-पुत्र दोनों की ही मौत हो गयी.

किशोरीलाल को बड़ा दुःख हुआ उसने वेध से कहा – ” आप तो इतने बड़े वेध है फिर भी आप मेरी पत्नी और पुत्र को बचा नहीं पाए.”
वेध भी हैरान था- “ऐसा कैसे हो सकता है. यह औषधि तो काम करनी चाहिए थी. रोगी मर कैसे गए? मैंने औषधि में माल भी बिलकुल शुद्ध प्रयोग किया था.”

किशोरीलाल का माथा ठनका- ” आपने औषधि को तैयार करने के लिए किस सामान का प्रयोग किया था. आप सारा सामान कहाँ से लाये थे.?”

“मैं एरे-गेरे कारखाने से सामान थोड़े ही मंगवाऊंगा. मैंने सारा सामान आपके ही कारखाने से मंगवाया था.”- वेध ने कहा.
किशोरीलाल सारा माजरा समझ चूका था. उसके निचे जमीन ही नही रही.

“मेरे कारखाने से दवाई.. मैंने नकली माल और ज्यादा मुनाफे के चलते अपने पुत्र और अपनी पत्नी के प्राण लिए.”

सब कुछ खोकर किशोरीलाल को अकल आ चुकी थी. उसने बाद में कभी नकली माल नहीं बनाया.

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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