नया उत्साह : हिंदी प्रेरणादायक कहानी

र्मियों की छुट्टियां समाप्त हुई, स्कूल में फिर से चहल-पहल शुरू हो गई. सब खुश थे. मास्टर जी जब कक्षा में गए तो सब बच्चों को देखा पर पायल कहीं दिखाई नहीं दी. पायल कक्षा की सबसे होशियार बच्ची थी. मास्टर जी ने पायल के बारे में पूछा तो बच्चों ने कहा कि अब पायल स्कूल नहीं आएगी क्योंकि सड़क पार करते समय ट्रक से टकरा गई वह अस्पताल में भर्ती है उसका एक पेड़ काट दिया गया यह सुनकर सब को बहुत दुख हुआ सभी मन ही मन सोचने लगे ऐसा नहीं होना चाहिए था. मास्टर जी को भी बहुत दुख हुआ.
मास्टर जी शाम को पायल के घर गए. वह कमरे में बेठी हुई थी. उसका दाहिना पैर घुटने से नीचे कटा हुआ था.
मास्टर जी को देखकर वह रोने लगी और कहने लगी, “मैं अब स्कूल नहीं आ पाऊंगी.”
मास्टरजी ने उसे समझाया. मास्टरजी ने उसे एक किस्सा सुनाया-
एक गांव में एक किसान परिवार रहता था. उस किसान की एक लड़की थी जिसका नाम था खुशबू. उसके बचपन से ही दोनों हाथ नहीं थे और वह अपना सारा काम अपने पैरों से ही करती है. कभी भी अपने भाग्य को नही कोसती. हमेशा खुश रहती है.
पायल यह सब सुनकर चकित रह गयी. पायल में विश्वास जाग गया. वह रात भर सो नहीं सकी, सोचती रही, “खुश्बू जब हाथों के बिना सभी काम कर सकती है तो मैं क्यों नहीं कर सकती. मेरे तो सिर्फ एक पैर ही नहीं है.”
सुबह उठी तो पायल में नया उत्साह था. उसके मन में बहुत ही खुशी भरी हुई थी. वह तैयार हुई और बैसाखियों के सहारे स्कूल पहुंची. उसे स्कूल में देखकर मास्टरजी की आंखें भर गई. पायल को स्कूल में देखकर सभी बच्चों को खुशी हुई.
इसके बाद वह कभी निराश नहीं हुई. अपनी मेहनत और लगन से पढ़ाई करके डॉक्टर बन गई और अब डॉक्टर बनकर में सब की सेवा कर रही है.

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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