नए जीजाजी : हिंदी प्रसंग

नए जीजाजी : दफ्तर का काम निपटाकर बाजार जाने का सोच रहा था. कल राखी के दिन है तो मेरी बेटी ख़ुशी उसके प्रिय भाई के लिए राखी लेने जाएगी. मुझे भी अपनी बहन याद आ गई. सालों हो गए उस को मायके आए. मन में उठ रहे भावनाओं के ज्वर  को झटकते हुए मैं अपना काम खत्म करने की सोच रहा था कि मोबाइल बजने लगा. नंबर को देख कर मैं सोच में पड़ गया न जाने किसका है, सोचते हुए फोन उठाया तो आवाज आई, “भाई साहब मैं बोल रहा हूं.”

फोन नए जीजा जी का था. मैं सोच में पड़ गया. जीजाजी मुझे फोन क्यों करने लगे. आज तक बहन के यहां से फोन नहीं आया.अचानक कई तरह के विचार आने लगे क्योंकि मेरी बहन के दूसरे पति थे. पहले जीजाजी का अनुभव बहुत बुरा था. मेरी शादी मैं हुई थोड़ी सी अनबन ने तो जैसे आग में घी का काम किया. मां होती तो रिश्ते के बीच में कड़ी का काम करती लेकिन मां के चले जाने के बाद जैसे  सब खत्म हो गया. उसने मुझे राखी तक बांधना छोड़ दिया. फिर 1 दिन पता चला की बहन दूसरी शादी कर रही है. मैं इन सब के खिलाफ था क्योंकि हमारा सारा समाज एक महिला को दूसरी शादी करने की आज्ञा नहीं देता. अचानक निंदिया टूटी तो मैंने देखा कि फ़ोन पर जीजाजी हेलो हेलो चिल्ला रहे थे. मैंने कहा, “जी कहिए.”

तो उन्होंने कहा कि कल राखी का त्यौहार है ना तो कल आइएगा जरूर.

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मैं कुछ कह नहीं पाया. मन बहुत प्रसन्न था परंतु वहां जाने में झिझक भी हो रही थी.

जैसे तैसे मन को समझकर वहां चला गया. वहां गया तो देखा बहन और नए जीजा जी मेरा इंतजार कर रहे थे. जीजाजी ने गले लगाकर मेरा स्वागत किया लेकिन मैं उन्हें गले नहीं लगा पाया, फिर खुद को संभालते हुए अपनी बहन से राखी बंधवाई. मैं भावुक हो गया और आंसू बहाने लगा. मेरी बहन कहने लगी, कितना इंतजार करवाया तूने इस राखी के लिए.

मैंने देखा नए जीजाजी दूर खड़े मंद मंद मुस्कुरा रहे थे मैं उनके पास गया और उन्हें  गले लगा लिया. आखिर उन्होंने मुझे अपनी बहन से मिलवा दिया.

शिक्षा अहंकार को त्याग कर हम रिश्ते में मिठास ला सकते हैं.

 

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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