कर भला हो भला : हिंदी कहानी

कर भला हो भला : हिंदी कहानी : एक प्रसिद्ध राजा जिसका नाम विक्रमादित्य था, अपने नाम की तरह ही प्रजा की सेवा करना उसका परम धरम था. उनकी प्रजा भी उन्हें भगवान की तरह पूजती थी. राजा विक्रमादित्य सभी की निष्पक्ष भाव से सहायता करते थे चाहे वो उनके राज्य की प्रजा हो या किसी और राज्य की हो. उनकी ख्याति महान थी. उनके दानी चरित्र का गुणगान उनके शत्रु तक किया करते थे.

उनके पडोसी राजाओं में एक राजा अर्जुन था. जिसे राजा विक्रमादित्य से कामयाबी से इर्ष्या थी. उसके कारण उसने राजा विक्रमादित्य को हराने की रणनीति बनाई. कुछ समय बाद उसने विक्रमादित्य के राज्य पर हमला कर दिया. अर्जुन ने धोखे से विक्रमादित्य को पराजित कर के युद्ध जीत लिया. विक्रमादित्य को जंगल मे जाना पड़ा. इतना होने पर भी विक्रमादित्य के लोकप्रियता मे कोई कमी नही थी. हर जगह उनकी ही बात चलती थी. जिससे अर्जुन को चैन नहीं था. उसने राजा विक्रमादित्य को मृत्यु देने का फैसला किया. उसने ऐलान किया की जो राजा विक्रमादित्य को पकड़ कर लायेगा उसे वो सोने की सौ दीनार देगा.

दूसरी तरफ राजा विक्रमादित्य जंगलो मे भटक रहे थे. तब उन्हें एक राहगीर मिला और उसने कहा- “भाई! तुम इसी जगह के लगते हो. क्या मुझे राजा विक्रमादित्य के राज्य के तरफ का रास्ता बता सकते हो”.

राजा विक्रम ने पुछा- “तूम्हे क्या काम है राजा से?”

तब राहगीर ने कहा- “मेंरे बेटे की तबियत ठीक नहीं है उसके इलाज मे सारा धन चला गया. सुना है राजा विक्रम सभी की मदद करते है. सोचा उन्ही के पास जाकर याचना करूँ.”

यह सुनकर राज विक्रमादित्य राहगीर को अपने साथ लेकर राजा अर्जुन के पास पहुचें. उन्हें देख दरबार में सारे अचंभित थे.

राजा विक्रमादित्य ने कहा- “हे राजन ! आपने मुझे खोजने वाले को सौ दीनार देने को वादा किया था. मेरे इस दोस्त ने मुझे यहाँ पेश किया है. अत: आप इसे सौ दीनार दे दो.”

यह सुनकर राजा को एहसास हुआ की राजा विक्रमादित्य कितने महान है और उसने अपनी गलती स्वीकार की. साथ ही राजा विक्रमादित्य को उनका राज्य लौटा दिया और सदा उनके दिखाये रास्ते पर चलने का फ़ैसला किया.

दोस्तों इसी को कहते है कर भला तो हो भला. किधर एक तरफ अर्जुन राजा विक्रमादित्य को मारना कहता था और अंत मे राजा विक्रमादित्य की करनी देख वो लज्जित हुआ और उन्हें उनका राज्य लौटा दिया और खुद को उनके जैसा बनाने मे जुट गया.

महान लोग सही कहते है “कर भला हो भला.” राजा विक्रमादित्य ने जिस तरह सभी की मदद की उसकी मदद अंत में उसके ही काम आ गयी.

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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