एक अकेली लड़की

बाजार से घर लौटते वक्त एक अकेली लड़की का कुछ खाने का मन किया तो वह रास्ते में खड़े ठेले के पास भेलपुरी खाने के लिए रुक गई. उसे अकेले खड़ी देख पास की एक पान की दुकान पर खड़े कुछ मनचले भी वहां आ गए. उन लड़कों की घूरती आंखें लड़की को असहज कर रही थी. पर वह ठेले वाले को पहले पैसे दे चुकी थी इसलिए मन कड़ा करके खड़ी रही.

द्विअर्थी गानों के बोल के साथ आंखों में लगी अदृश्य अश्लील दूरबीन से सब लड़के देख रहे थे. आपस में अश्लील बातें भी कर रहे थे, हंस रहे थे और भद्दे मजाक कर रहे थे. वह कभी दुपट्टे को ठीक करते तो कभी ठेले वाले से और जल्दी करने को कहती.

उन मनचलों की चुगलबंदी अभी चल ही रही थी कि एक बाइक सवार युवक वहां आकर रुका. बाइक सवार युवक ने लड़की से कहा- “अरे पूनम! तो यहां क्या कर रही है. अपने भाई से छुपकर पेट पूजा हो रही है.”

पूरी कद काठी के भाई से संभावित खतरे को भांप कर वह सभी मनचले तुरंत इधर-उधर खिसक लिए. समस्या से मिले अनपेक्षित समाधान से लड़की ने राहत की सांस ली फिर असमंजस भरे भाव के साथ उस बाइक सवार युवक से कहा- “माफ कीजिए! मेरा नाम एकता है. आपको शायद कोई गलतफहमी हुई है मैं आपकी बहन नहीं हूं.”

“मैं जानता हूं मगर किसी की तो बहन हो.” इतना कहकर युवक ने मुस्कुराते हुए हेलमेट पहनना और अपने रास्ते चल दिया.

शिक्षा: भविष्य में किसी की भी बहन के साथ अगर ऐसा कुछ गलत हो रहा हो तो हमें मदद के लिए हमेशा आगे रहना चाहिए.

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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