अपने प्यार को हासिल कैसे करें : हिंदी कहानी

अपने प्यार को हासिल कैसे करें : हिंदी कहानी

अपने प्यार को हासिल कैसे करें : हिंदी कहानी

दोस्तों! आप सब जानते ही होंगे कि एक सच्चा प्यार क्या होता है. प्यार कभी भी और कहीं भी हो सकता है. प्यार एक ऐसा एहसास है जो बिन कहे भी सब कुछ कह जाता है. जब किसी को प्यार होता है तब वह यह नहीं सोचता कि इसका अंत क्या होगा.

दोस्तों! मैं आपको सच्चा प्यार करने वाले एक प्रेमी जोड़े की कहानी बताने जा रहा हूं. मुझे उम्मीद है कि ये आप के दिल को छू जाएगी. मेरी आप सब से गुजारिश है इस कहानी को अंत तक जरूर पढ़े और देखें कि किस प्रकार प्यार को हासिल किया जाता है.

एक लड़की थी जो कॉलेज में पढ़ती थी. उसकी क्लास में एक लड़का था. लड़का दिखने में बहुत सुंदर था. एक दिन दोनों की नजरें आपस में मिलती है. लड़की थोड़ी डरी हुई होती है उसे प्यार-व्यार से डर लगता है. कुछ दिन तक दोनों की नजरें मिलती है.

एक दिन लड़का उसे रोक लेता है और अपने दिल की बात कह देता है. लड़की को वह लड़का बहुत अच्छा लगता है इसलिए वह मान जाती है. फिर दोनों मोबाइल पर बात करने लग जाते हैं. लड़का लड़की से बेहद प्यार करने लग जाता है. वह उसके बिना रह नहीं पाता.

एक दिन लड़की का रिश्ता कहीं ओर हो जाता है. लड़की खूब रोती है. उसने अपने प्रेमी को फोन किया और जोर-जोर से रोने लगी.

लड़का बोला- “क्या हुआ रो क्यों रही हो?”

फिर लड़की ने कहा- “मेरा रिश्ता किसी ओर के साथ तय हो गया है. मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती. प्लीज मुझे ले जाओ.”

तब लड़का उसे समझाता है और एक प्लान बनाता है. उसने लड़की को कहा कि आप ना! पागल होने का नाटक करो. घर वालों को ऐसा लगे कि तुम्हारे दिमागी हालत खराब हो गई है.

वह लड़की ऐसा ही करती है. वह पागल होने का नाटक करती है. यह बात उन लड़के वालों को पता चल जाती है जिस से रिश्ता हुआ था वो रिश्ता टूट जाता है. लड़की बहुत खुश होती है. वह सबकुछ लड़के को फोन पर बताती है. दोनों बहुत खुश होते हैं. फिर अचानक लड़के के दिमाग में एक विचार आता है. वह सोचता है इस पागलपन के नाटक से रिश्ता टूट सकता है तो क्यों ना इस नाटक के जरिए हम एक हो जाएं.

वह लड़का लड़की से कहता है कि आप ना! पागल होने का नाटक जारी रखो. जब आपके घर वाले आपका इलाज करवाकर हार मान जाए तब आप अपने किसी दोस्त को घर बुलाना और अपने दोस्त को बोलना कि मेरे पापा जी से कहो कि पास में ही एक डॉक्टर रहता है जोकि पागलपन का इलाज करता है. वह डॉक्टर वही लड़का होता है. वह भी डॉक्टर बनने का नाटक करता है. तब वह ऐसा ही करती है उसके पापा उस लड़के को घर बुलाते हैं.

जैसे लड़की लड़के को देखती है अंदर ही अंदर खुश हो जाती है. लड़का लड़की के पापा से कहता है- “अंकल! कुछ देर के लिए हम दोनों को अकेला छोड़ दो. मुझे बीमारी का पता लगाना है.”

फिर दोनों एक कमरे में जाते हैं और अंदर से दरवाजा बंद कर लेते हैं. लड़की रोती हुई लड़के को गले लगा लेती है और कहती है कि मुझे यहां से ले चलो. मेरा दम घुटने लगा है यहां.

लड़का उसे कहता है- “तुम चिंता मत करो, बस कुछ दिन ओर इंतजार करो.”
इस प्रकार लड़का रोज उसके घर आता रहता है और दोनों मिलते रहते हैं.

फिर एक महीने बाद वह लड़की थोड़ी थोड़ी सही होने का नाटक करती है. तब उसके घर वालों को लगता है इस लड़के की वजह से हमारी बच्ची सही हो रही है. लड़की के घर वाले लड़के का धन्यवाद करते हैं.

कुछ दिनों बाद लड़की का रिश्ता फिर से आता है फिर से लड़की रोने लगती है और लड़के को फोन करके बताती है, लेकिन लड़की के पिता खुद उस रिश्ते के लिए मना कर देते हैं. तब वह लड़का अपने माता-पिता को लड़की वालों की घर ले जाता है और अपनी शादी की बात करता है. लड़की के पिता को वह लड़का बहुत अच्छा लगता हैं. उनको लगता है यह लड़का मेरी बेटी को बहुत खुश रखेगा.

इस प्रकार लड़की के पिता शादी के लिए राजी हो जाते हैं. उन दोनों की शादी हो जाती है. उस लड़के के प्लान की वजह से दोनों एक हो जाते हैं. आज दोनों बहुत खुश हैं.

दोस्तों! अगर आप भी किसी से मोहब्बत करते हैं तब उससे मोहब्बत करते जाइए. क्योंकि सच्ची मोहब्बत करने वाले एक ना एक दिन एक हो ही जाते हैं. सच्ची मोहब्बत करने वालों को खुदा भी मिलाने में जुट जाता है.

Bhati Neemla

हेल्लो दोस्तों! 'हिंदी में स्टोरी' पर आपका स्वागत है. मेरा नाम BS भाटी नीमला है. यह ब्लॉग उन पाठको के लिए बनाया गया है जो हिंदी कहानियों में रूचि रखते है. कृपया अपने बच्चो को ये कहानिया पढने को जरूर दे ताकि उनमे एक सकारात्मक परिवर्तन हो सके.

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